Monday, December 31, 2018

छत्तीसगढ़: दनादन फ़ैसले, पर पैसा कहाँ से लाएगी सरकार?

कांग्रेस पार्टी के लिये यह राहत की बात हो सकती है कि सरकार बनने के 10 दिनों के भीतर कर्ज़ माफ़ी की शुरुआत पिछले गुरुवार से हो गई है और किसानों के खाते में पैसे भी आने शुरू हो गये हैं.

सरकार का दावा है कि गुरुवार को 3 लाख 57 हज़ार किसानों के खाते में 1,248 करोड़ की रकम ट्रांसफ़र भी कर दी गई है.

राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कहते हैं, "राज्य सरकार पक्के वादे और नेक इरादे के साथ अपना वचन पूरा कर रही है."

छत्तीसगढ़ में 15 सालों तक सत्ता से बाहर रही कांग्रेस पार्टी की सरकार ताबड़तोड़ फ़ैसले ले रही है. शाम को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने अधिकारियों के साथ बैठक करते हैं और देर रात फ़ैसले जारी हो जा रहे हैं.

अलग-अलग इलाकों के पचासों कलेक्टर, कमिश्नर, एसपी प्रशासनिक फेरबदल में इधर से उधर हो चुके हैं.

रामानुजगंज से लेकर कोंटा तक भूपेश बघेल के देर रात आने वाले फ़ैसलों की चर्चा हो रही है. कुछ फ़ैसले ऐसे भी हैं, जिन्होंने राज्य से बाहर भी अपनी धमक बनाई है.

लेकिन इन फ़ैसलों को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं.

भाजपा की सरकार में कई विभागों के मंत्री रहे विधायक अजय चंद्राकर कहते हैं, "कांग्रेस कभी भी अपना वादा नहीं निभाती. कांग्रेस की कोई विश्वसनीयता नहीं है, उनके नेताओं की कोई विश्वसनीयता नहीं है."

हालांकि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का दावा है कि उनकी पार्टी ने चुनाव के समय जो जनघोषणा पत्र जारी किया था, उसके एक-एक वादे को उनकी सरकार पूरा करेगी.

बघेल कहते हैं, "हमने 10 दिनों में किसानों की कर्ज़ माफ़ करने का वादा किया था, धान का समर्थन मूल्य 2,500 करने का वादा किया था. जिस दिन मैंने शपथ ली, उसी दिन इन दोनों वादों पर हमने अमल कर दिया."

लेकिन इस कर्ज़ माफी की प्रक्रिया के पूरे होने में कई महीने लगने की आशंका है. इसके आलावा धान के समर्थन मूल्य के समायोजन में भी और वक़्त लग सकता है.

कर्ज़ माफ़ी और धान का समर्थन मूल्य
कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में किसानों के अल्पकालीन कृषि ऋण पूरी तरह से माफ़ करने का वादा किया था. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने 17 दिसंबर को शपथग्रहण करने के साथ ही मंत्रिमंडल की बैठक में इस फ़ैसले पर मुहर लगा दी और 19 दिसंबर को कृषि ऋण माफ़ करने का आदेश भी जारी कर दिया गया.

सरकार का दावा है कि इस फ़ैसले से छत्तीसगढ़ की सहकारी समितियों के 16 लाख से ज्यादा किसानों को 6100 करोड़ रुपये के ऋण से मुक्ति मिलेगी.

इसके अलावा धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में धान का समर्थन मूल्य 1750 रुपये से बढ़ा कर 2500 करने का आदेश भी सरकार ने जारी कर दिया.

2013 में भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने का वादा किया था. लेकिन रमन सिंह ने तीसरी बार सत्ता की कमान संभालने के बाद केंद्र सरकार को समर्थन मूल्य बढ़ाने की एक चिट्ठी भेज कर चुप्पी साध ली.

अब इतने सालों बाद कांग्रेस पार्टी ने जब किसानों का ऋण माफ़ करने और धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने का आदेश जारी किया है तो बीजेपी को लगता नहीं है कि इस फ़ैसले को कांग्रेस पार्टी की सरकार लागू कर पाएगी.

बीजेपी के प्रवक्ता श्रीचंद सुंदरानी कहते हैं, "ईश्वर करे कि किसानों को लाभ मिल जाये. लेकिन हम जानते हैं कि यह सारी घोषणा केवल घोषणा बन कर रह जायेगी."

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