Wednesday, January 23, 2019

गोल्डन ब्लड' जो बचा सकता है सबकी जान

गोल्डन ब्लड. सुनकर ही किसी बेशकीमती चीज़ का अहसास होता है. यह ख़ून का दुर्लभ ग्रुप है जो दुनिया में बहुत कम लोगों का होता है.

भले ही इस ब्लड ग्रुप वाले लोगों को आप ख़ास समझें मगर हक़ीकत यह है कि उनके लिए यह बात कई बार जानलेवा भी बन जाती है.

जिस ब्लड ग्रुप को गोल्ड ब्लड कहा जाता है, उसका असली नाम आरएच नल (Rh null) है.

Rh null क्या है और यह क्यों इतना क़ीमती समझा जाता है कि इसकी तुलना सोने से होती है? आख़िर इस ब्लड ग्रुप वाले लोगों को क्या ख़तरा होता है?

इन सवालों के जवाब जानने के लिए पहले हमें पहले यह समझना होगा कि ब्लड ग्रुप का वर्गीकरण कैसे होता है.

ख़ून जिन लाल रक्त कोशिकाओं से बना होता है, उनके ऊपर प्रोटीन की एक परत होती है, जिन्हें एंटीजन कहा जाता है.

ब्लड टाइप A में सिर्फ़ एंटीजन A होते हैं, ब्लड B में सिर्फ B, ब्लड AB में दोनों होते हैं और टाइप O में दोनों ही नहीं होते.

लाल रक्त कोशिकाओं में एक और तरह का एंटीजन होता है. इसे कहते हैं RhD. यह एंटीजन 61 Rh टाइप के एंटीजनों के समूह का हिस्सा होता है. जब ख़ून में Rhd हो तो इसे पॉज़िटिव कहा जाता है और अगर न हो तो नेगेटिव टाइप कहा जाता है.

इस तरह से सामान्य ब्लड ग्रुप्स की पहचान करके उनका वर्गीकरण इस तरह किया जाता है: A-, B +, B-, AB +, AB-, O + और O-.

अगर किसी को ख़ून चढ़ाने की ज़रूरत पड़े तो उसके ब्लड ग्रुप का पता होना ज़रूरी होता है.

अगर नेगेटिव ग्रुप वाले शख़्स को पॉज़िटिव वाले डोनर का ख़ून चढ़ाया जाए तो यह उनके लिए जानलेवा हो सकता है. ऐसा इसलिए क्योंकि उसके शरीर के एंटीबॉडीज़ इस ख़ून को अस्वीकार कर सकते हैं.

इसी कारण O- ब्लड ग्रुप वालों को यूनिवर्सल डोनर कहा जाता है. क्योंकि इसमें न तो एंटीजन A, B होते हैं और न ही RhD. ऐसे में ख़ून बिना रिजेक्ट हुए अन्य ग्रुप वालों के ख़ून में मिक्स हो जाता है.

स तरह से ख़ून के जितने भी कॉम्बिनेशन हैं, उनमें Rh null सबसे अलग है.

अगर किसी के रेड ब्लड सेल में Rh एंटीजन है ही नहीं, तो उसका ब्लड टाइप Rh null होगा.

बायोमेडिकल रिसर्च पोर्टल मोज़ेक पर छपे लेख में पेनी बेली ने लिखा है कि पहली बार इस ब्लड टाइप की पहचान 1961 में की गई थी. ऑस्ट्रेलियाई मूल निवासी महिला में यह मिला था. उसके बाद से लेकर अब तक पूरी दुनिया में इस तरह से 43 मामले ही सामने आए हैं.

नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ कोलंबिया में हेमैटोलॉजी में विशेषज्ञ नतालिया विलारोया ने बीबीसी को बताया कि इस तरह का ब्लड अनुवांशिक रूप से मिलेगा. उन्होंने कहा, "माता-पिता दोनों इस म्यूटेशन के वाहक होने चाहिए."

एक तरह से तो यह यूनिवर्सल ब्लड है जो किसी भी Rh टाइप वाले या बिना Rh वाले दुर्लभ ब्लड टाइप वाले को चढ़ाया जा सकता है. मगर ऐसा बहुत कम मामलों में ही किया जाता है क्योंकि इसे पाना लगभग असंभव है.

नेशनल रेफ़रेंस लैबरेटरी के निदेशक डॉक्टर थिएरी पेरर्ड के हवाले से मोज़ेक पर लिखा गया है, "बेहद दुर्लभ होने के कारण ही इसे गोल्डन ब्लड कहा जाता है."

बेली के मुताबिक़, इस टाइप का ख़ून बेशकीमती होता है. भले ही इस ख़ून को ब्लड बैंकों में बिना किसी नाम-पते के स्टोर किया जाता है, मगर ऐसे मामले सामने आए हैं जिसमें वैज्ञानिकों ने अपने शोध के लिए ब्लड सैंपल लेने के इरादे से रक्तदान करने वालों का पता लगाने की कोशिश की है.

Tuesday, January 15, 2019

मकर संक्रांति: खिचड़ी जो राष्ट्रीय व्यंजन बनने से चूक गई

बेचारी खिचड़ी भारत का राष्ट्रीय व्यंजन बनने से भले ही चूक गयी हो पर मकर संक्रांति के पर्व पर वह मूर्धन्य बनी रहती है.

इस अवसर पर माश (उड़द की दाल) और चावल की खिचड़ी प्रसाद के समान मानी जाती है और कोई आस्थावान उसके चार यारों को साथ बिठाने का हठ पालने का दुस्साहस नहीं कर सकता!

घी में भुनी यह खिचड़ी खुद ही इतना स्वादिष्ट होती है कि 'दही, पापड़, मूली, अचार' आसानी से बिसराए जा सकते हैं. इसका मज़ा दुर्गा पूजा के पंडालों में बंटने वाली बंगाली खिचुड़ी से कम नहीं होता-

पर यह सब समझ हमें ज़रा देर से आई.

बचपन में मां यह कह कर डराती थीं कि अगर आज के दिन स्नान नहीं किया और माश की खिचड़ी नहीं खाई तो अगले जन्म में घोंघा बनोगे.

उस पहाड़ी कस्बे में जहां हम रहते थे, कड़ाके की ठंड पड़ती थी. पर्व वाले स्नान के दिन भी पांच प्रतीकात्मक छींटों से काम चल जाता था.

खिचड़ी की चुनौती विकट थी. हमारे दिमाग में खिचड़ी एक ऐसा बेस्वाद पथ्य थी जो बीमार को या कमज़ोर हाजमे वाले बुजुर्ग की ही खुराक हो सकती थी. धुली मूंग की पतली खिचड़ी दिखते ही पेट की ख़राबी का लक्षण लगती थी!

जब इतिहास पढ़ना शुरू किया तब पता चला कि आज से कोई हज़ार साल पहले जब अल बरूनी ने भारत की यात्रा की थी तब यह देखा था कि खिचड़ी ही आम किसान का रोज़मर्रा का भोजन थी.

दाल-चावल को एक साथ उबाल दलियानुमा खिचड़ी खाई जाती थी. कुछ विद्वानों का मत है कि वेदों में जिस 'क्षिरिका' का ज़िक्र मिलता है वह खिचड़ी का ही पुरखा है. और भला बीरबल की खिचड़ी को कोई कैसे भूल सकता है जिसे पकने में घंटों लग गए थे?

दिलचस्प बात यह है कि जब शहज़ादा सलीम गुजरात को फ़तह कर लौटे तो उनके पिता ने उनके स्वागत भोज में 'लज़ीज़ा' नामक सामिष (मांसाहारी) खिचड़ी पकवाई थी. शायद इस खुशी में कि सलीम ने उस गुजरात को निगल लिया है जहां का प्रिय भोजन खिचड़ी है.

यह सर्व विदित है कि गुजरात और राजस्थान में बाजरे की खिचड़ी बड़े चाव से खाई जाती है. जब अंग्रेज़ भारत पहुंचे तो उनको भी खिचड़ी का चस्का लग गया.

वह नाश्ते के वक्त जो 'केजरी' शौक से खाते-खिलाते थे, उसमें बीती रात की बची मछली, अंडे वगैरह बेहिचक शामिल कर लिए जाते थे. करी पाउडर वाला मसाला इसका कायाकल्प कर देता था. हौब्सन जौब्सन की एंग्लो इंडियन डिक्शनरी में इसका वर्णन किया गया है.

तामिलनाडु का 'पोंगल' सात्विक खिचड़ी का दाक्षिणात्य अवतार ही तो है जिसने जीरे और काली मिर्च की जुगलबंदी से अपना जादू जगाया है.

हाल में कुछ दिलेर प्रयोगातुर शैफों ने 'मशरूम खिचड़ी' तथा 'राजमा खिचड़ी' को भी मंच पर उतारा है, पर यह पारंपरिक व्यंजन को पछाड़ने में कामयाब नहीं हो सकी है.

महाराष्ट्र की साबूदाना खिचड़ी नाम की ही खिचड़ी है, उसमें न तो दाल रहती है और न चावल.

हैदराबाद, दिल्ली और भोपाल में खिचड़ा पकाया जाता है जिसमें गेहूं तथा दाल के अलावा बोटी रहित मांस पड़ता है. कुछ लोग इसी का नामभेद शोला खिचड़ी बताते हैं जो किसी पुलाव से कमतर नहीं समझा जा सकता.

बुरा हो खिचड़ी सरकारों का जिन्होंने बेमेल भानुमति के अवसरवादी राजनीतिक कुनबे को ही खिचड़ी का पर्याय बना दिया.

Monday, January 14, 2019

एयरसेल-मैक्सिस मामला: NSE के चेयरमैन अशोक चावला का इस्तीफा

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के चेयरमैन अशोक चावला ने इस्तीफा दे दिया है. कुछ घंटे पहले ही केंद्र की ओर से सीबीआई को एयरसेल-मैक्सिस मामले में चावला के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई शुरू करने की अनुमति मिली थी. इसके तुरंत बाद चावला ने अपने पद से इस्तीफा दिया. हालांकि, एक्सचेंज ने शुक्रवार रात को इस बारे में घोषणा करते हुए कोई विशेष ब्योरा नहीं दिया.

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) एनएसई की को-लोकेशन सुविधा में कथित खामियों की जांच कर रहा है. नियामक यह भी पता लगा रहा है कि क्या कुछ ब्रोकरों को एक्सचेंज द्वारा इस तीव्र फ्रिक्वेंसी कारोबार सुविधा में किसी तरह की अनुचित पहुंच उपलब्ध कराई गई. एक्सचेंज ने एक बयान में कहा कि हालिया कानूनी घटनाक्रमों के मद्देनजर चावला ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज आफ इंडिया लिमिटेड के निदेशक मंडल के लोक हित निदेशक-चेयरमैन के तौर पर तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है.

पूर्व वित्त सचिव चावला 28 मार्च, 2016 को एनएसई के चेयरमैन बने थे. वह नागर विमानन सचिव और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के चेयरमैन भी रह चुके हैं. चावला ने पिछले साल नवंबर में यस बैंक के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था.

इससे पहले सीबीआई ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि केंद्र ने पांच लोगों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति दे दी है. इनमें मौजूदा और पूर्व अधिकारी हैं. ये लोग कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति से संबंधित एयरसेल मैक्सिस मामले में आरोपी हैं.

उस समय विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) के सदस्य जिनके खिलाफ अभियोजन की अनुमति मिली है उनमें तत्कालीन आर्थिक मामलों के सचिव अशोक झा, तत्कालीन संयुक्त सचिव अशोक चावला, वित्त मंत्रालय में तत्कालीन सचिव कुमार संजय कृष्ण और मंत्रालय में तत्कालीन निदेशक दीपक कुमार सिंह और मंत्रालय में तत्कालीन अवर सचिव राम शरण शामिल हैं. इन पांच में से तीन विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत हैं जबकि दो सेवानिवृत्त हो चुके हैं. इनमें से तीन विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत हैं जबकि दो सेवानिवृत हो चुके हैं.

तेल बेचने वाली कंपनियों ने सोमवार को दिल्ली और मुंबई में पेट्रोल के दाम में 38 पैसे, जबकि कोलकाता में 37 पैसे और चेन्नई में 40 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की. डीजल के दाम में दिल्ली और कोलकाता में 49 पैसे, जबकि मुंबई में 52 पैसे और चेन्नई में 53 पैसे लीटर का इजाफा हुआ है.

इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक, दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम बढ़कर क्रमश: 70.13 रुपए, 72.24 रुपए, 75.77 रुपए और 72.79 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं. चारों महानगरों में डीजल के दाम बढ़कर क्रमश: 64.18 रुपए, 65.95 रुपए, 67.18 रुपए और 67.78 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं.

न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर स्थित नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद और गुरुग्राम में पेट्रोल की कीमतें बढ़कर क्रमश: 70.07 रुपए, 69.94 रुपए, 71.31 रुपए और 71.10 रुपए प्रति लीटर हो गई हैं. इन चारों शहरों में डीजल के दाम तीसरे दिन की वृद्धि के बाद क्रमश: 63.59 रुपए, 63.46 रुपए, 64.41 रुपए और 64.20 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं. देश कुछ अन्य प्रमुख शहर, चंडीगढ़, लखनऊ, पटना, रांची, भोपाल और जयपुर में पेट्रोल की कीमतें नई बढ़कर क्रमश: 66.32 रुपए, 69.94 रुपए, 74.24 रुपए, 69.02 रुपए, 73.18 रुपए और 70.77 रुपए प्रति लीटर हो गई हैं.

Monday, January 7, 2019

हिमाचल और उत्तराखंड में बर्फबारी, पंजाब से मध्यप्रदेश तक शीत-लहर

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में रविवार को जोरदार बर्फबारी हुई। ऊंचाई वाले स्थानों पर बीते करीब तीन दिन से हो रहे हिमपात की वजह से उत्तर भारत के ज्यादातर राज्यों में शीत-लहर का असर बढ़ गया है। हिमाचल के शिमला, मनाली, किन्नौर और डलहौजी समेत कई इलाकों में रविवार को भारी बर्फबारी हुई है। उधर, जम्मू में वैष्णोदेवी मंदिर की पहाड़ियों पर भी बर्फबारी हुई है। उत्तराखंड में मसूरी के धनौटी और सुरकंडा इलाकों में रविवार से शुरू हुआ हिमपात का दौर सोमवार को भी जारी है।

दिल्ली में रविवार को हुई बारिश के बाद सोमवार सुबह धुंध छाई रही। इसकी वजह से इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जाने वाली ज्यादातर फ्लाइट देरी से रवाना हुईं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने बताया कि सुबह 9 बजे से 10 बजे के बीच विजिबिलिटी कम होने की वजह से रनवे नंबर 29 पर विमानों की आवाजाही में परेशानी थी। ऐसे में विमान रनवे नंबर 28 से रवाना किए गए। हालांकि, बाद में उड़ानों की आवाजाही पूरी तरह बहाल कर दी गईं। दिल्ली से गुजरने वाली 13 ट्रेनें भी देरी से चल रही हैं।

हिमाचल : पारा जीरो के नीचे
हिमाचल में जोरदार बर्फबारी की ऊंचाई वाले ज्यादातर स्थानों पर पारा शून्य से नीचे पहुंच गया है। सोमवार को लाहौल-स्पीती में राज्य का सबसे कम तापमान माइनस 12 डिग्री रहा। किनौर के कल्पा में तापमान माइनस 8 डिग्री, मनाली में माइनस 3.6 डिग्री और शिमला में माइनस 0.7 डिग्री दर्ज किया गया। शिमला में रविवार से सोमवार सुबह तक 5 सेमी बर्फबारी हुई। यहां पारा 0.7 डिग्री पर पहुंच गया। नारकंडा, कुफरी और फागू में भी खासा हिमपात हुआ है।

उत्तराखंड : पहाड़ों पर बिछी बर्फ की चादर
स्थानीय मौसम विभाग के मुताबिक कुमाऊं क्षेत्र में सोमवार को कुछ स्थानों पर बारिश और बर्फबारी हो सकती है। उधमसिंह नगर, हरिद्वार, हेमकुंड साहेब और औली में बर्फ की चादर बिछ गई है। सोमवार को मसूरी में न्यूनतम तापमान 0.1 डिग्री, अलमोड़ा में 2.1 डिग्री और मुक्तेश्वर में माइनस 2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ। राज्य में पिथौरागढ़ 2.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे सर्द रहा। विजबिलिटी कम होने की वजह से यमुनोत्री और गंगोत्री के हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।

उत्तराखंड में हो रही बर्फबारी ने उत्तरप्रदेश ठंड बढ़ा दी है। लखनऊ समेत कई शहरों में बारिश से रविवार को ठिठुरन और बढ़ गई। मौसम विभाग के मुताबिक रविवार को राज्य के कुछ हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से ज्यादा रहा, लेकिन बर्फीली हवा की वजह से कंपकंपाती सर्दी से राहत नहीं मिली पा रही है। राज्य के ज्यादतर हिस्सों में 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।

राजस्थान : बादल छाने से हवा में नमी बढ़ी

प्रदेश में रविवार को अधिकांश जगह दिनभर बादल छाए रहे। इससे हवा में नमी की मात्रा बढ़ी है। हालांकि, ज्यादातर जगहों पर तापमान अभी भी 10 डिग्री से नीचे बना हुआ है। रविवार को श्रीगंगानगर में 0.9 मिमी और पिलानी में 3.9 मिमी बारिश हुई। जयपुर के आसपास के इलाकों और बीकानेर में भी मावठ हुई। जयपुर में सोमवार को न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री, श्रीगंगानगर में 5.8 डिग्री और अजमेर में 8.5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।

मध्यप्रदेश : दिन-रात के तापमान में अंतर बढ़ा
मौसम विभाग के मुताबिक, राजस्थान के आसमान पर बना प्रेरक चक्रवात हरियाणा की तरफ चला गया है इससे हवा का रुख उत्तर की तरफ हो रहा है। यही वजह है कि मध्यप्रदेश में रात का तापमान तो बढ़ा है, लेकिन दिन के तापमान में गिरावट आई है। भोपाल में सोमवार सुबह कोहरा छाया रहा। यहां न्यूनतम तापमान 7.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4 डिग्री कम रहा। मौसम विभाग के मुताबिक, बुधवार से शहर में कड़ाके की ठंड का एक दौर आ सकता है। इसमें सीजन की सबसे तेज ठंड पड़ सकती है।

पंजाब/हरियाणा : नारनौल में 3.5 डिग्री पर पहुंचा पारा
पंजाब और हरियाणा में भी कड़ाके की ठंड का दौर लौट आया है। पंजाब में रविवार को गुरदासपुर में 6.4 मिमी, जालंधर 4.0 मिमी और पटियाला में 8 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। बाकी जिलों में हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिन तक ठंड से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। राज्य में ज्यादातर जगहों पर पारा 5 डिग्री के आसपास है। उधर, हरियाणा के नारनौल में रविवार को न्यूनतम पारा 3.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। यह सामान्य से एक डिग्री नीचे था। इलाके में यह सबसे सर्द स्थान रहा। हालांकि, सामेवार को इसमें डेढ़ डिग्री का उछाल आया और यह 5 डिग्री पर पहुंच गया।

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